कालिख

Image Credit: Google गुनाह तेरा लब खामोश मेरी, तेरे वहशीपन पर उड़ी होश मेरी, क्या कहें ये तेरी कैसी बेहयाई है, तेरे इस कुकृत्य से पूरी मानवता शरमाई है, तेरे इस कुकृत्य से पूरी मानवता शरमाई है। एक को भूल नही पाते,दूसरा सामने आ जाता है, अपनी मर्दानगी का घिनौना रूप दिखा जाता है, किसको […]… Continue reading कालिख