अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी?

आँधी आई जोर शोर से, डालें टूटी हैं झकोर से। उड़ा घोंसला अंडे फूटे, किससे दुख की बात कहेगी! अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी? via अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी? – महादेवी वर्मा — Kayvashaala